विक्रम बेताल की कहानी 16(Hindi Motivation Story)-: काफी साल पहले की बात है। चंदनपुर नाम के एक गांव में गगन नाम का एक युवक रहता था। वह बहुत ही आलसी और कामचोर था। गगन के पुरे समय सोने और उसके कामचोरी से उसकी बूढी माँ बहुत परेशान रहती थी।
गगन की माँ किसी तरह सिलाई का काम करके अपना घर चलाती ,लेकिन गगन पर इसका कोई असर नहीं होता था। वो तो बस दिन रात सोता और सपने देखा करता था।
लेकिन सबसे अनोखी बात यह थी की वह जब भी कुछ अनहोनी या बुरी घटना वाला सपना देखता , तो कुछ समय बाद वह घटना या अनहोनी सच हो जाती थी।
एक दिन रोज की तरह गगन सो रहा था। अचानक उसे सपना आया की ,एक कन्या की शादी में लुटेरे आये और सारा सामान लूट के ले गए। विक्रम बेताल की कहानी 16 (Hindi Motivation Story)
अगले दिन जैसे ही सुबह गगन सो कर उठा ,गगन को सपने वाली कन्या उसके घर में नजर आई ,कन्या अपनी शादी का कपङा लेने दर्जी के पास आई थी। कन्या को देखते ही गगन उसे अपने सपने के बारे में बताता है।
कन्या परेशान होकर घर जाती है , और सारी बात अपने घर में बताती है। कन्या के घर वाले सारी बात सुन तो लेते है लेकिन उस पर विश्वाश नहीं करते।
और कुछ ही देर बाद लुटेरे शादी में आ जाते है , और बरातियों को लूट के चले जाते है। इस घटना से लोग गगन पर बहुत गुस्सा होते है। और गगन की पिटाई कर देते है , और उस पर आरोप लगते है की तुम लुटेरों से मिले हुए हो।
इसके बाद गगन को कुछ दिनों बाद एक और सपना आता है। इस बार गगन अपने घर के बगल के “चौधराइन के नए माकन में आग लगने का सपना देखता है।
दोपहर के समय जब आलसी युवक घर से बहार निकलता है , तो उसे चौधराइन मोहल्ले में नए मकान की खुशी में मिठाई बटती और लोगो को नजर आती है।
महिला को देखर गगन भागा चला आता है उसे अपने सपने के बारे में सब कुछ बता देता। महिला गगन पर नाराज हो कर वहा से चली जाती है। विक्रम बेताल की कहानी 16 (Hindi Motivation Story)
और घर आ कर आग से बचाने का का इंतजाम कर लेती है। लेकिन फिर भी गगन का सपना सच हो जाता है ,चौधराइन का घर जल जाता है।
ऐसा सालो तक चलता जाता है। हर बार गगन बुरा सपना देखने के बाद लोगो को सचेत करता है , लेकिन आखिर में वह लोगो के गुस्से का शिकार हो जाता है।
इसे तंग आ कर गगन गांव छोड़ने का फैशला लेता है।
वह गांव से दूर एक दूसरे राज्य में चला जाता है। यहाँ अपना पेट पालने के लिए गगन नौकरी ढूढ़ने लगता है।
उसे एक राजा के दरबार में चौकीदारी का काम मिल जाता है। गगन को नौकरी मिलने के कुछ दिनों बाद ही राजा को सोनपुर गांव निकलना होता है।
सोनपुर जाने से एक दिन पहले की रात गगन को सपना आता है , की सोनपुर गांव में भयानक भूकंप आया और वहा कोई भी जिन्दा नहीं बचा। विक्रम बेताल की कहानी 16 (Hindi Motivation Story)
जिसे ही अगले दिन सुबह राजा की सवारी सोनपुर के लिए निकलती है। गगन तुरंत राजा के रथ के पास पहुंचकर उन्हें अपने सपने के बारे में बताता है। और उन्हें सोनपुर जाने से रोक लेता है।
अगले ही दिन राजा के पास समाचार आता है की सोनपुर में भयानक भूकम्प आने से उस गांव में कोई नहीं बचा। पूरा गांव समसान में बदल गया।
समाचार मिलते ही ,राजा गगन को दरबार में बुलाते है। सोनपुर में आये भूकंप से जान बचाने के लिए ,राजा गगन को कीमती जेवर देकर उसे नौकरी से निकल देते है।
समाप्त
इतनी कहानी सुनाकर बेताल चुप हो जाता है। और कुछ देर बाद बेताल विक्रमादित्य से पूछता है ? बताओ राजा ने गगन को उपहार देने के बाद नौकरी से क्यों निकाल दिया। सवाल सुनते ही विक्रमादित्य जबाब देते है।
उपहार राजा की जान बचाने के लिए दिए , और चौकीदारी करते समय सोते रहना पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
अपने सवाल का जबाब मिलते ही बेताल फिर से घने जंगलो में चला जाता है। और विक्रमादित्य दुबारा से बेताल की खोज में निकल जाते है।
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