युवक का पिता कौन है ?(Hindi Motivation Story) – : ये कहानी है – विधवा भागवती और उसको बेटी की। भागवती की विधवा होते ही उसके रिश्तेदार सारा धन ले कर उसको और उसकी बेटी को घर से निकल दिया।
इसके बाद माँ बेटी दूसरे नगर की और निकल जाते थे। वो दोनों , आराम करने के लिए एक जगह रूकती है , तभी वहा एक सिपाही एक चोर को बांध कर रखता है। चोर को प्यास लगती है , वह भागवती से और उसकी बेटी से पानी मांगता है।
“पानी पीने के बाद चोर माँ बेटी से उनके घर से बाहर रहने का सच पूछता है। ‘ सारी बाते सुनने के बाद चोर भागवती की बेटी धनवंती से शादी करने को कहता है , इस पर भागवती को गुस्सा आया ,’और उसने सारी बात सिपाही को बता दी
सिपाही चोर पर गुस्सा जताते हुए कहता है , ‘कुछ दिनों में तुम्हे फांसी लगेगी ,और तुम शादी करने की बात करते हो।
“ये सुनकर चोर कहता है , बहुत पाप किये है मेने।
अब लगता है , कोई तो हो जो मेरे मरने के बाद मुझे पानी दे।
मेरा कोई बच्चा नहीं है ” में चैन से मर भी नहीं सकता भूत बनकर भटकूँगा में ‘
ये सब सुनने के बाद सिपाही चोर को बांध कर आराम करने चला गया।
“सिपाही के जाने के बाद चोर , भागवती और उसकी बेटी धनवती को छुपाये हुए धन के बारे में बताने लगा।
उसे कहा अगर आप अपनी बैठी धनवती का विवाह मुझसे करवा दे ,” तो में आपको अपने छिपाये धन के बारे में बता दूंगा।
” मेरे मरने के बाद , आप दोनों उस धन से अपना सारा जीवन आराम से निकल सकते हो।
उसकी बात सुन कर माँ बेटी सोच में पड़ जाती है। युवक का पिता कौन है ?(Hindi Motivation Story)
धनवंती की माँ भागवती ने पूछा ? तुम ये शादी क्यों करना चाहते हो।
‘ चोर ने कहा शादी के बाद जो मेरा बच्चा होगा वो मेरे मरने के बाद मेरा “सराद” करेगा।
जिससे मुझे मुक्ति मिल जाएगी। ” और में भूत नहीं बनुँगा। ये सब सुनने के बाद भागवती अपनी बेटी की शादी चोर से करवा देती है।
दोनों की शादी होती है।
” और जल्द ही एक बच्चा होता है , कुछ दिनों बाद चोर को फांसी लगा दी जाती है। भागवती और धनवंती काफी दुखी होते है।
कुछ समय बाद भागवती को चोर की बात याद आती है ,’ गुफा में मूर्ति ने निचे खजाना छुपा के रखा था। दोनों वहा जाते है ,और जमीं खोजने लगते है।
वहा दोनों को सोना -चांदी और काफी खजाना मिल जाता है , धनवंती फिर भी दुखी रहती है। और कहती है अगर वो जिन्दा होते तो मुझे सब कुछ मिल जाता।
‘ भागवती धनवंती को समझते हुए कहती है। ‘ अगर पैसा है तो सारी खुशी मिल जाएगी।
उसके बाद दोनों माँ बेटी एक दूसरे शहर जाकर रहने लगते है। खुशी -खुशी अपनी जिंदगी बिताने लगते है।
कुछ समय बाद भगवन्ती की सहेलिया धनवंती की शादी के करवाने को लेकर पूछने लगती है।
” भागवती कहती है , मुझे अपनी बेटी की शादी तो करवानी है ,लेकिन युवक ऐसा हो जो घर जमाई बन कर रहे।
फिर कुछ दिनों बाद एक ब्राह्मण युवक उनके घर आता है “जिसके बाद भागवती अपनी बेटी धनवंती का प्रस्ताव उसके आगे रखती है।
‘उनका विशाल घर और पैसे देखर वह युवक शादी के लिए हां कर देता है।
वह युवक कुछ समय तक उनके साथ रहता है। और दोनों का भरोसा जीतता है ,” और एक रात सारा धन और पैसे लेकर भाग जाता है।
” इस दुःख में धनवंती की माँ भागवती की मित्यु हो गई। और धनवंती गरीब और अकेली हो गई।
उसके बाद वह उस शहर को छोड़ के दूसरे शहर निकल गई , समय बीतता रहा और धनवंती का बच्चा भी बड़ा होने लगा।
एक दिन दोनों माँ बेटे रास्ते में भटक रहे थे ,’ उन दोनों की नजर आज राजकुमार पर गई ,जिसके गले को एक अजगर ने लपेट रखा था।
धनवंती के बेटे ने बड़ी ही मुश्किलों के बाद उस अजगर को राजा के गाने से निकल दिया। ” लेकिन अफसोस की बात है वह राजकुमार तब तक मर चूका था। युवक का पिता कौन है ?(Hindi Motivation Story)
‘तभी उस राज्य के राजा वहा पहुंच गए। ‘ बेटे की मौत से वह राजा बहुत दुखी हुए। लेकिन धनवंती के बेटे के साहस को देखकर बहुत खुश हुए।
और धनवंती के बेटे को गोद लेने का फैसला लिया।
धनवंती और उसका बेटा राजा के यहाँ पर रहने लगे। ” देखते ही देखते राजा धनवंती का बेटा बड़ा होने लगा , और राजा के राज्य का काम भी सीख लिया ।
राजा की उम्र बहुत ज्यादा हो गई थी ‘ और कुछ समय बाद राजा की मित्यु हो गई।
‘ राजा मरने से पहले धनवंती के बेटे को राज्य का सारा राज पाठ सोप ,उसे राजा बना दिया था “
उसके बाद धनवंती ने अपने बेटे से कहा पिता की मित्यु के बाद ,बेटे को पिता की आत्मा की शांति के लिए साराद करना होता है।
माँ की बात सुन धनवंती और उसका बेटा साराद करने जाते है। जब वह नदी के किनारे पहुंचे तो वह नदी में 3 हाथ दिखते है।
इतनी कहानी सुनाने के बाद बेताल रुक जाता है , और हर बार की तरह राजा विक्रम से सवाल पूछता है ?
समाप्त
बताओ राजन उस युवक का पिता कौन है ?धनवंती का बेटा किस हाथ में साराद देगा। इसमें एक हाथ उस चोर का है , जिससे उसकी शादी हुई थी। दूसरा हाथ उस आदमी का जिसने धन की लालच में धनवंती से शादी की थी। और तीसरा हाथ उस राजा का जिसने धनवती के बेटे को गोद लिया था।
विक्रम आदित्य ने जबाब दिया – उसका पिता वो चोर है , जिसने पुरे रीती रिवाज से धनवंती से शादी की थी।
दूसरे व्यक्ति ने धन की लालच में धनवंती से शादी की थी ,और राजा ने बस अपना काम किया था।
चोर ही उस लड़के का पिता और धनवंती का पति है। क्युकी उसने बिना किसी लालच के धनवती को सारा धन दे दिया
ये सुनते ही बेताल बहुत ख़ुश हुआ हुआ और , फिर से घने जंगल में चले गया।
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