भगवान् नारायण के नाम की महिमा
अजामिल ब्राह्मण की कथा (Hindi motivation story) -: कन्नोज गांव में अजामिल नाम का ब्राह्मण रहता था अजामिल अपनी पत्नी को छोड़ एक (वैश्या) के साथ रहने लगा और दारू पीना तथा मांस खाने लगा था और पवित्रता से दूर हो गया तथा कशाइओ का काम सुरु कर दिया उसके अन्दर की सब दया भावना मर गई थी
एक दिन -संतो का काफिला अजामिल के गांव से गुजर रहा था और शाम भी हो गई थी संतो ने लोगो से ब्राह्मण का पता पूछा ताकि संत जन वह शाम अच्छे बिता सके तभी कुछ पापी लोगो ने अजामिल के घर का पता संतो को दे दिया संत जन जैसे ही अजामिल के घर आते है वह वहा (वैश्या ) स्त्री को देख वहा से जाने लगते ! तभी अजामिल संतो को घर से जाते होए देखता है
और संतो को रोकता है और कहता है में बहुत भाग्यशाली हु जो आप मेरे घर आये ऐसा कहकर अजामिल संतो को अपने घर रोक लेता है ! और संतो की अच्छे से सेवा करता और उन्हें अच्छे -अच्छे पकवान बना के संतो को खिलता है सुबह होते ही जब संत जन अजामिल के घर से जाने लगते हैं और अजामिल से कहते है की तुम्हारा पुत्र का जन्म शीघ्र ही होगा जिसका नाम तुम्हे नारायण रखना है ! यही हमारी दक्षिणा है ! और यही हमारा आशीर्वाद है ऐसा कहते ही संत जन वहा से चले गए ! अजामिल ब्राह्मण की कथा (Hindi motivation story)
कुछ समय बाद अजामिल के बेटे का जन्म होता ! तब अजामिल उसका नाम नारायण रखते है नारायण नाम का अर्थ ( विष्णो ) भगवान से है ! अजामिल अपने बेटे का नाम पुकारते तथा उसका लालन पोषण करते !
कुछ समय के बाद अजामिल की मित्यु का समय आता है यम के दूत आ के अजामिल को मरने लगते है अजामिल मृत्यु की डर से अपने बेटे नारायण को पुकारता है और कहता है नारायण बेटे कहा हो -२ कहता है ! लेकिन बेटे नारयण ने तो अपने पिता की आवाज नहीं सुनाई दी लेकिन नारायण अर्थात (विष्णु ) भगवान अजामिल की पुकार सुन लेते है ! और कहते है की कौन है
ये भगत जो इतनी तकलीफ में भी मेरा नाम ले रहा है जाओ और इस भगत को मेरे पास लेकर आओ तब विष्णु भगवान के दूत अजामिल को यम के दूत से बचाकर विष्णु भगवान् के पास ले आते है तब यम जी विष्णु भगवान् के से सामने मुकदर (हंटर ) भेक देते है और कहते है महाराज इतने बड़े पापी इंसान को अपने क्यों छोड़ दिया और मेरा शासन कैसे चलेगा जब आप ही पापी को बचाओगे फिर मेरा इस यमलोक में क्या काम है अजामिल ब्राह्मण की कथा (Hindi motivation story)
विष्णु भगवान् कहते है जो इंसान मृत्यु
के समय मेरा नाम पुकारता है उसके किये होये पाप मिट जाते है उस पर यमराज जी कहते है है महाराज उसने नारायण कहकर आप को नहीं बल्कि अपने बेटे को पुकारा था विष्णु जी ने उत्तर दिया की नारायण मेरा नाम है तो यह भक्त भी मेरा हुआ इसलिए अजामिल को मोक्ष दिया जाये इसलिए कहते है भगवान् का नाम लेने मोक्ष की प्राप्ति होती है
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