Category: काफिला शायरी का


  • ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगेजो हो परदेस में वो किससे रज़ाई मांगे उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलोधड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है दोस्ती जब किसी से की जाएदुश्मनों की भी राय ली जाए नए किरदार आते जा रहे हैंमगर नाटक पुराना चल रहा है घर के…

  • एक स्त्री की मौत उसी वक्त हो जाती है ,, 💘जब उसका हमसफ़र अपने वादो से मुकर जाता है। चाँद भी सुन्दर है पर मेरे चाँद 😍की बात ही कुछ और ह। ❤ शिकायते तो बहुत है तुमसेखैर छोड़ो प्यार से ज्यादा नहीं । 🔅🔅🔅 हमेसा याद रहेगा ये दौर हमको ☆*:क्या खूब तरसे जिंदगी…